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चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी: इलाज के 5 कदम ✅

📅 प्रकाशित: 11 October 2026

Medically reviewed by Dr. Satish Sharma (DHMS, Reg. No. 5454-A), Senior Homeopathy Physician · 10 अक्टूबर 2026
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चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी: सही जांच और सुरक्षित recovery का shield icon, साथ में Bariffa-X BC27 पैक

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📚 पूरी गाइड: नशे से मर्दाना कमजोरी: ED, शीघ्रपतन और इलाज की 7 गाइड ✅
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नशा छोड़ दिया, फिर भी इरेक्शन या टाइमिंग पहले जैसी नहीं लौटी? या डर है कि नशे से मर्दाना कमज़ोरी यानी ई-डी हमेशा के लिए तो नहीं हो गई? आप अकेले नहीं हैं — और इसका सही रास्ता है। मैं डॉक्टर सतीश शर्मा, हिसार से। आज चार बातें — परेशानी का सही नाम, नशा कैसे असर करता है, भारत की दो नई स्टडी, और कल से उठाने वाले तीन कदम। लोग हर परेशानी को मर्दाना कमज़ोरी कह देते हैं, पर ये चार अलग हो सकती हैं। पहली — इरेक्शन न बनना या न टिकना; इसी को मर्दाना कमज़ोरी यानी ई-डी कहते हैं। दूसरी — जल्दी डिस्चार्ज, यानी शीघ्रपतन — जिसे अर्ली डिस्चार्ज या पी-ई भी कहते हैं। तीसरी — इच्छा कम होना, यानी लिबिडो की कमी। चौथी — बहुत देर से डिस्चार्ज। हर एक की जांच अलग है। शराब से मर्दाना कमज़ोरी, स्मोकिंग से लिंग में ढीलापन, चिट्टा या अफीम छोड़ने के बाद की कमज़ोरी, और कुछ दवाओं का असर — ये नसों, ब्लड फ़्लो, हॉर्मोन, नींद और मन के रास्ते आ सकते हैं। पर साथ में शुगर, बीपी, तनाव और चल रही दवाएँ भी देखनी पड़ती हैं। एक बड़ा भ्रम है — "अफीम या डोडा से टाइमिंग बढ़ती है।" सच ये है कि डिस्चार्ज में देरी अच्छी सेक्शुअल हेल्थ का सबूत नहीं। कई बार ये ख़ुद एक परेशानी है, और पीछे डिपेंडेंस का ख़तरा भी। अब रिसर्च। दो हज़ार छब्बीस में प्रकाशित पटेल और साथियों की स्टडी, जो एम्स से जुड़ी टीम की है — उसमें चिट्टा-स्मैक जैसे ओपिऑइड की डिपेंडेंस वाले एक सौ तैंतालीस पुरुषों में से लगभग चौरानवे परसेंट में ई-डी मिली, और ये सिर्फ़ टेस्टोस्टेरोन की कमी से नहीं समझाई जा सकी। दूसरी स्टडी दो हज़ार पच्चीस की है — एम्स जोधपुर से, कुमार और साथियों की। अफीम-डोडा पर निर्भर एक सौ सात पुरुषों में, एक पैमाने पर लगभग सैंतालीस परसेंट में सेक्शुअल परेशानी मिली। ये इलाज के लिए आए मरीज़ों के आँकड़े हैं — आपका निजी रिस्क नहीं। तो नशे से मर्दाना कमज़ोरी में कल से क्या करें? पहला कदम — एक छोटा नोट बनाइए: कौन सा नशा, आख़िरी बार कब, कितने समय से, कौन-सी दवाएँ चल रही हैं, और परेशानी कब से है। दूसरा कदम — नशा-मुक्ति, नींद या दर्द की जो दवा डॉक्टर ने दी है, उसे ख़ुद अचानक बंद मत कीजिए। तीसरा कदम — नशा छोड़ने के बाद मर्दाना कमज़ोरी हो, तो नशा-मुक्ति का इलाज और सेक्शुअल हेल्थ की जांच साथ-साथ चल सकते हैं। जांच को किसी तय तारीख़ तक मत टालिए। शराब, चिट्टा, अफीम, स्मोकिंग, गांजा और दवाओं से मर्दाना कमज़ोरी पर अलग-अलग गाइड टेक्टिस हेल्थ डॉट इन पर हैं। बैरिफ़ा एक्स बीसी सत्ताईस के पैक की जानकारी के लिए स्क्रीन पर दिए नंबर पर कॉल करें। पूरी डिटेल और स्टडी के लिंक डिस्क्रिप्शन और कमेंट बॉक्स में हैं। ये वीडियो टेक्टिस इंडिया, हिसार और बैरिफ़ा एक्स बीसी सत्ताईस की ओर से आपके लिए तैयार किया गया है — ताकि आप अपनी परेशानी को सही नाम दें, और बिना झिझक सही जांच तक पहुँचें।

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नशा और मर्दाना सेहत | भाग 3/8
अंदाज़े और शर्म के बिना—अपनी परेशानी साफ़ बताएं, सही जांच कराएं और नशा-मुक्ति treatment सुरक्षित तरीके से जारी रखें।
सीधा जवाब

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी—यानी erection की परेशानी (ED, erectile dysfunction या लिंग में ढीलापन), इच्छा कम होना या जल्दी/देर से discharge—हो, तो शर्म छोड़कर पूरी जांच कराएं। चिट्टा, स्मैक या पुड़िया नाम से यह तय नहीं होता कि अंदर क्या था। Sexual side effect के डर से नशा-मुक्ति treatment खुद बंद न करें।

AIIMS New Delhi की 2026 study में opioid (ज़्यादातर heroin) dependence के इलाज के लिए नए आए 143 पुरुषों में से 93.7% में ED मिली, पर testosterone कम सिर्फ़ 7.7% में था। इसलिए जांच पूरी हो, सिर्फ़ hormone की नहीं। Break के बाद tolerance घटती है—पुरानी मात्रा दोबारा लेने से overdose हो सकता है; बेहोशी या धीमी सांस दिखे तो तुरंत 112 पर call करें।

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी: इस गाइड में video, सवाल और ज़रूरी links

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी पर नीचे 3 मिनट का video, इस गाइड का नक्शा और सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल हैं — जो हिस्सा आपके काम का है, सीधे वहाँ जाएं।

📺 Video: चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी — डॉ. सतीश शर्मा (3 मिनट 24 सेकंड)

YouTube पर देखें: डॉ. सतीश शर्मा का यह video YouTube पर खोलें | अपलोड | 3:24 मिनट। इस video में ED, शीघ्रपतन, इच्छा की कमी और देर से discharge का फर्क; शराब, smoking, चिट्टा, अफीम और दवाओं का असर; AIIMS की 2 Indian studies; और कल से उठाने वाले 3 कदम हैं।

🧭 इस पोस्ट का नक्शा: लेखक, तारीख और मुख्य हिस्से

  • ✍️ लेखक: रमेश वर्मा
  • 🩺 जांच: डॉ. सतीश शर्मा, DHMS
  • 🗓 अपडेट:
  • ⏱ सार 2 मिनट | पूरी पोस्ट ~60 मिनट
इस पोस्ट में आपको मिलेगा
  • चिट्टा, स्मैक, पुड़िया: नाम से क्या पता चलता है और क्या नहीं
  • AIIMS New Delhi की 2026 study (93.7% ED) और PGIMER research का सही मतलब
  • नशा-मुक्ति doctor + sexual-health clinician का साथ-साथ care
  • Print करने लायक “पुड़िया में क्या था पता नहीं” note और 40 सवाल-जवाब
📘 सीरीज़ का भाग 3/8 — यह पोस्ट नशे से मर्दाना कमजोरी: पूरी गाइड का हिस्सा है। पूरी गाइड में ED, शीघ्रपतन और इच्छा की कमी का फर्क, सभी नशों और दवाओं की directory, पहली consultation की तैयारी और सरकारी data है। पूरी सीरीज़ ↓
आपके सभी सवालों के जवाब नीचे दिए गए हैं

Disclosure: Teqtis Health, Bariffa-X BC27 बेचता है। उसकी पूरी जानकारी नीचे एक अलग हिस्से में है।

🙋 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: लोग ये भी पूछते हैं (People Also Ask)

चिट्टा, स्मैक और पुड़िया क्या हैं—नाम से substance का पता क्यों नहीं चलता?

सीधी बात: चिट्टा और स्मैक बोलचाल में heroin जैसे opioid के street नाम हैं, और पुड़िया सिर्फ़ पैकिंग का नाम है। इनसे पक्का पता नहीं चलता कि अंदर क्या था।

Opioid नशों और दवाओं का एक परिवार है—heroin (चिट्टा/स्मैक), अफीम, डोडा-पोस्त और कुछ दर्द की दवाएं इसी में आती हैं। पंजाब और हरियाणा में “चिट्टा”, “स्मैक”, “पुड़िया” जैसे नाम आम बोलचाल में चलते हैं। लेकिन ये बाज़ार के नाम हैं, lab report नहीं। एक ही नाम से अलग-अलग चीज़ बिक सकती है, और उसमें मिलावट भी हो सकती है।

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी की बात हो, तो doctor पहले यही समझना चाहते हैं कि असल में क्या लिया गया था। इसलिए doctor को “मैंने चिट्टा लिया” बताना काफ़ी शुरुआत है, पर उसकी chemical पहचान का अंदाज़ा खुद न लगाएं। Untested street product की exact composition किसी को पक्के तौर पर नहीं पता होती—न लेने वाले को, न इस लेख को।

Street नाम की table: doctor को क्या बताएं?

Street नाम, possible category और अनिश्चितता (यह पहचान-table नहीं, बातचीत की मदद है)
बोलचाल का नामpossible categoryक्या पक्का नहीं हैDoctor को क्या बताएं
चिट्टाबोलचाल में heroin जैसे opioid के लिए बोला जाता हैअसल chemical, मात्रा और मिलावट—कुछ भी नाम से तय नहीं“चिट्टा कहकर लिया, अंदर क्या था पता नहीं”
स्मैकOpioid category का street नाम माना जाता हैचिट्टा और स्मैक हमेशा एक ही चीज़ हों, यह ज़रूरी नहींकैसे लिया (सूंघना, धुआं, injection), कब से, last use कब
Heroin / हेरोइनOpioidStreet पर बिकने वाले powder में कितना असली और कितनी मिलावट—पता नहींनाम के साथ यह भी कि किससे/कहां से पहचान मानी
पुड़ियापैकिंग का नाम है, substance का नहींOpioid, कोई दूसरी चीज़ या mixing—कुछ भी हो सकता है“पुड़िया थी, नाम/पहचान पता नहीं”—यह सही जवाब है
नाम नहीं पता / “माल”तय नहींसब कुछरंग, रूप, लेने का तरीका और असर जैसा याद हो; अंदाज़ा नहीं
अफीम, डोडा-पोस्त, भुक्कीNatural opium से जुड़ेHeroin की research इन पर सीधे लागू नहीं होतीअलग से बताएं; पूरी जानकारी: अफीम-डोडा पोस्त से मर्दाना कमजोरी

आम गलती: दोस्त या बेचने वाले की बात सुनकर लिख देना—“इसमें तो ये-ये मिला था।” यह सुनी-सुनाई बात है, जांच नहीं। Doctor को वही बताएं जो आपने खुद देखा या किया।

“पता नहीं” लिखना कमज़ोरी नहीं, ईमानदारी है। गलत chemical नाम से जांच गलत दिशा में जा सकती है। [D3, M5]

चिट्टा-स्मैक से लिंग में ढीलापन, इच्छा और timing: नशे के दौरान और छोड़ने पर क्या बदलता है?

सीधी बात: Opioid नशे के दौरान discharge देर से होना और इच्छा कम होना दिख सकता है, जबकि छोड़ने के शुरुआती दिनों में timing जल्दी हो सकती है और erection ढीला लग सकता है। चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी में ये परेशानियां मिली-जुली हो सकती हैं, इसलिए इन्हें अलग-अलग पहचानना इलाज की पहली सीढ़ी है।

“मर्दाना कमजोरी” एक search शब्द है, किसी एक बीमारी का नाम नहीं। नीचे चारों परेशानियां आसान शब्दों में हैं।

चार अलग परेशानियां: ED, इच्छा, देरी और जल्दी discharge

  • Erection की परेशानी (ED, erectile dysfunction): लिंग खड़ा होने में या टिके रहने में दिक्कत—यही “लिंग में ढीलापन” है।
  • इच्छा कम होना (libido कम होना): sex का मन ही कम लगना। Opioid से इच्छा कम होना भी दिख सकता है; यह ED से अलग है, पर साथ हो सकता है।
  • Discharge में देरी: नशे के दौरान कुछ लोगों को discharge देर से या मुश्किल से होता है। इसे “ताकत” समझना गलत है।
  • जल्दी discharge (शीघ्रपतन, PE—premature ejaculation): छोड़ने के बाद के दिनों में timing बदल सकती है। कुछ दिनों के बदलाव से permanent PE तय नहीं होता।

तीन दौर में क्या दिख सकता है?

तीन दौर में क्या दिख सकता है (हर व्यक्ति में अलग; यह diagnosis नहीं)
दौरक्या महसूस हो सकता हैआम गलत नतीजाDoctor को कैसे बताएं
नशा चल रहा हैDischarge देर से, इच्छा कम“देर तक टिकता हूँ, यानी ताकत है”“Discharge देर से या मुश्किल से होता है”
छोड़ने के शुरुआती दिनTiming जल्दी, नींद खराब, बेचैनी“अब permanent PE हो गया”“छोड़ने के बाद से timing बदली है, तारीख यह है”
Treatment या लंबा recoveryErection ढीला, थकान, मन न लगना“नसें खराब हो गईं” या “दवा ही वजह है”“Treatment शुरू होने के बाद/पहले से यह बदलाव है”

नींद, थकान, मूड, tobacco या शराब भी असर डालते हैं। इसलिए एक-दो रात के experience से नतीजा न निकालें, और खुद को बार-बार “test” न करें। [M1, M2, M5]

लोग इसे अलग-अलग शब्दों में search करते हैं—“chitta chhad ke sex problem” या “chitta chhodne ke baad early discharge” या “स्मैक छोड़ने के बाद timing वापस कब आएगी” (smack chhodne ke baad timing wapas)। सबमें पहला सवाल एक ही है: असल परेशानी कौन-सी है—erection, इच्छा, या timing? यह साफ़ होने पर doctor सही जांच चुन पाते हैं। ED और शीघ्रपतन का फर्क series की पूरी गाइड में भी है।

चिट्टा-heroin पर AIIMS की 2026 study: 93.7% में ED का क्या मतलब है?

सीधी बात: AIIMS New Delhi (NDDTC) की 2026 study में opioid dependence के इलाज के लिए नए आए 143 पुरुषों में से 134 (93.7%) में ED मिली, पर testosterone कम सिर्फ़ 11 (7.7%) में था। यह उस clinic sample का नंबर है—पंजाब, हरियाणा या आपका personal risk नहीं।

इस section में 2026 की study है; नशा-मुक्ति दवा पर चल रहे पुरुषों की दो studies अगले section में हैं। हर card में लिखा है कि किन लोगों पर study हुई और उससे क्या पता नहीं चलता।

Research card कैसे पढ़ें?

Percentage हमेशा “कितने में से कितने” पढ़ें, किस scale से मापा गया देखें, और study कहां हुई यह देखें। Example: “143 में से 93.7%” उन 143 लोगों की बात है—आपकी या आपके गांव की नहीं।

AIIMS New Delhi study (Patel et al., IJMR 2026)

📊 Research कार्ड: Opioid dependence वाले पुरुषों में sexual function और hormones (R3)

Cross-sectionaln = 143IIEF-15प्रकाशित 31 जनवरी 2026
क्या मिला
IIEF-15 questionnaire पर 143 में से 134 पुरुषों (93.7%) में ED मिली। Testosterone कम सिर्फ़ 11 (7.7%) में मिला। Hormones का sexual function से खास link नहीं दिखा। Authors के अनुसार परेशानी hormones से ज़्यादा शादी की हालत, काम-काज और HIV-risk वाले बर्ताव जैसी बातों से जुड़ी दिखी।
किन पर
18–50 साल के, sexually active 143 पुरुष, मुख्य रूप से heroin लेने वाले। ये community drug-treatment clinic में opioid dependence के इलाज के लिए नए register हुए थे और heroin ले रहे थे; पिछले एक महीने में नशा-मुक्ति की दवा (opioid agonist treatment) नहीं ली थी। Data 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 2023 के बीच लिया गया।
कहाँ / कब
National Drug Dependence Treatment Centre (NDDTC), AIIMS New Delhi की community drug treatment clinic (Patel et al.); Indian Journal of Medical Research में को प्रकाशित। इस study के participants का data; पूरे district का rate नहीं।
इससे क्या नहीं पता
यह पंजाब, हरियाणा या किसी district के सभी चिट्टा users का ED rate नहीं है—यह इलाज के लिए आए पुरुषों का sample है। Cross-sectional design से यह साबित नहीं होता कि ED सिर्फ़ opioid से हुई, या नशे से पहले क्या हाल था। Authors ने ख़ुद लिखा है कि hormones एक ही बार मापे गए और सिर्फ़ sexually active पुरुष लिए गए। Recovery के बाद क्या होगा, यह नहीं मापा गया। इस 93.7% को किसी दूसरे scale (जैसे ASEX) वाली study के नंबर से न मिलाएं।

स्रोत: IJMR, 2026 | Full text (PDF) | PubMed record

Study का नंबर और population survey का नंबर अलग क्यों हैं?

Study data बनाम population data: कौन-सा नंबर क्या बताता है
Sourceकिन लोगों का dataक्या बताता हैक्या नहीं बताता
R3 (2026)AIIMS New Delhi (NDDTC) की community clinic में इलाज के लिए नए आए, opioid dependence वाले 143 पुरुष (18–50 साल)उस sample में 93.7% ED (IIEF-15)पंजाब/हरियाणा/district के users का rate; आपका personal risk
R4 (2020)PGIMER में BNX पर 40 पुरुष16/40 (40%) sexual dysfunction, ASEX परदवा से हुई नई बीमारी का rate; treatment छोड़ने की वजह
D3 (survey 2018, report 2019)भारत की population surveyराज्यों में substance use का अंदाज़ाED या कोई sexual problem—यह मापा ही नहीं गया

Study का percentage और population survey का percentage अलग चीज़ें मापते हैं। इन्हें जोड़कर “इस जिले में इतने लोगों को ED है” जैसा नंबर नहीं बनाया जा सकता।

Buprenorphine या नशा-मुक्ति दवा पर sexual problem: research क्या कहती है?

सीधी बात: भारत की दो studies में buprenorphine पर चल रहे पुरुषों में भी sexual परेशानी मिली; एक study में यह बिना इलाज वाले heroin users से कम थी। इनसे यह साबित नहीं होता कि दवा ही वजह है, और न ही दवा खुद छोड़ने की सलाह निकलती है।

नशा मुक्ति दवा के साथ मर्दाना कमजोरी महसूस हो, तो “कहीं buprenorphine से ही तो कमजोरी नहीं?”—यह सवाल मन में आना आम बात है। नीचे दोनों studies के card हैं।

PGIMER Chandigarh study (2020): BNX पर 40 पुरुष

📊 Research कार्ड: Buprenorphine–naloxone treatment पर पुरुषों में sexual dysfunction (R4)Cross-sectionaln = 40ASEX + IIEF2020
क्या मिला
Buprenorphine–naloxone (BNX) treatment पर 40 पुरुषों में से 16 (40%) में ASEX scale पर sexual dysfunction मिला। IIEF questionnaire पर ED 77.5% में दिखी। तुलना इसी centre की पहले प्रकाशित एक study के 50 लोगों के control group से की गई, जिसमें ASEX पर यह 4/50 (8%) था। (40% और 77.5% journal abstract से मिलाए गए; control का 4/50 वाला नंबर abstract में नहीं है और full text इस बार नहीं खुला—यह नंबर अभी दोबारा verify नहीं हुआ।)
किन पर
PGIMER Chandigarh के Drug De-addiction and Treatment Centre में कम से कम 6 महीने से BNX पर चल रहे 40 पुरुष, जिन्होंने हाल में कोई illicit नशा नहीं लिया था।
कहाँ / कब
Chandigarh (PGIMER) study site; 2020 में प्रकाशित। इस अस्पताल/study के participants का data; पूरे district का rate नहीं।
इससे क्या नहीं पता
यह साबित नहीं होता कि sexual problem दवा से ही हुई (drug-caused incidence नहीं)। Control group इसी study में साथ नहीं लिया गया था। ASEX का 40% और IIEF का 77.5% अलग scale के नंबर हैं—इन्हें आपस में न मिलाएं। इस study के आधार पर नशा-मुक्ति (OUD) treatment बंद न करें—treating team से review माँगें।

स्रोत: PMC full text

Indian Journal of Psychiatry study (2023): इलाज वाले बनाम बिना इलाज वाले

📊 Research कार्ड: Heroin dependence—बिना treatment वाले बनाम buprenorphine पर रहकर नशा छोड़ चुके पुरुष (R5)Comparative studyn = 112Indian Journal of Psychiatry, 2023
क्या मिला
Journal abstract के अनुसार ED बिना treatment वाले group में 78% और buprenorphine वाले group में 39% मिली; जल्दी discharge (PE) 30% बनाम 6%। Sexual satisfaction, रिश्ते और sexual quality of life के scores buprenorphine वाले group में बेहतर थे।
किन पर
Heroin dependence वाले 112 शादीशुदा, sexually active पुरुष, OPD से लिए गए: 63 जिन्होंने अभी treatment शुरू नहीं किया था, और 49 जो buprenorphine पर रहकर heroin से दूर (abstinent) थे।
कहाँ / कब
Indian Journal of Psychiatry, 2023 (Sen MS et al.)। Abstract में study site और ED मापने वाले questionnaire का नाम नहीं है, और full text हम नहीं खोल पाए—इसलिए ये दोनों यहां नहीं लिखे। Journal में इस study पर एक टिप्पणी और लेखकों का जवाब भी प्रकाशित हुआ है।
इससे क्या नहीं पता
यह एक समय पर दो अलग groups की तुलना है—वही लोग इलाज से पहले और बाद में नहीं देखे गए। Buprenorphine वाला group उम्र में बड़ा था और उसमें काम करने वाले ज़्यादा थे, इसलिए फर्क सिर्फ़ दवा से है, यह साबित नहीं होता। किसी व्यक्ति के लिए दवा चुनने या बंद करने का आधार यह नहीं है।

स्रोत: Journal abstract (DOAJ record) | PubMed record | PMC full text | टिप्पणी | लेखकों का जवाब

इन नंबरों को पढ़कर दवा खुद क्यों न छोड़ें?

Example: मान लीजिए कोई “BNX पर 40% में sexual dysfunction” पढ़कर दवा खुद छोड़ने की सोचे। ऐसा करने से withdrawal, craving और पुराने नशे में लौटने का खतरा बढ़ सकता है। सही रास्ता है—prescriber को sexual परेशानी बताना और review माँगना। [A1, A8]

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी: testosterone report normal हो तब भी किन बातों की जांच होती है?

सीधी बात: Testosterone report normal हो, तब भी doctor sexual history, नशे की history, सभी दवाएं, diabetes-BP-दिल की सेहत, injection से जुड़े infections और नींद-मूड देखते हैं। वजह: R3 study (2026) में opioid वाले पुरुषों की sexual परेशानी सिर्फ़ testosterone से नहीं समझी जा सकी। [R3, M5]

चिट्टा छोड़ने के बाद erection problem हो, तो यह मान लेना आसान है कि एक hormone test से सब पता चल जाएगा। इसलिए doctor पूरी तस्वीर देखते हैं।

Doctor किन 6 बातों को देखते हैं?

  • Sexual history: परेशानी erection, इच्छा या timing में है; कब से; हर बार या कभी-कभी।
  • Substance history: क्या लिया (जितना पता हो), कैसे लिया, कितने समय, last use, साथ में शराब या tobacco।
  • दवाओं की list: नशा-मुक्ति की दवा, नींद/दर्द/मूड की दवा, homeopathic या कोई दूसरा product—सब। Named medicines पर विस्तार: दवाओं से मर्दाना कमजोरी।
  • शरीर की जांच और ज़रूरी tests: Diabetes, BP, दिल की सेहत जैसे कारण भी ED से जुड़ते हैं। कौन-सा test चाहिए, यह history और examination से तय होता है—हर किसी के लिए एक बड़ा package ज़रूरी नहीं। [M1, M5]
  • Injection से नशा लिया हो: HIV, hepatitis जैसी जांच पर बात करना ज़रूरी हो सकता है। यह exposure के आधार पर तय होता है। [A2]
  • नींद, थकान और मूड: ये भी इच्छा और erection पर असर डालते हैं।

जांच से पहले और बाद की आम गलतियां

Testosterone booster या कोई “ताकत की दवा” खुद शुरू करना इस research का नतीजा नहीं है। पहले कारण समझें, फिर doctor के साथ इलाज चुनें।

आम गलतियां: सिर्फ़ testosterone test कराकर report normal आने पर मान लेना कि “कुछ नहीं है”; injection की history छिपाना; पुरानी reports घर छोड़ आना।

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी: नशा-मुक्ति treatment के साथ follow-up कैसे चले?

सीधी बात: नशा-मुक्ति treatment और sexual-health जांच साथ-साथ चल सकते हैं। दवा खुद बंद या कम न करें; sexual परेशानी treating team को साफ़ बताएं और ज़रूरत पर urologist/sexual-health doctor का referral लें।

Opioid use disorder (OUD) के लिए buprenorphine या methadone जैसी दवाएं doctor की देखरेख में दी जाती हैं। ये illicit heroin जैसी नहीं हैं—इनका dose और follow-up तय होता है। [A1]

Treatment के दौरान चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी—यानी erection, इच्छा या timing में परेशानी—लगे, तो दवा खुद बंद या कम करने से craving, withdrawal और दोबारा नशे का खतरा बढ़ सकता है। [A1, A8]

Care map: इलाज के 5 कदम, दो रास्ते साथ-साथ

Care map: दो रास्ते, एक साथ (आप बीच की कड़ी हैं)
कदमनशा-मुक्ति trackSexual-health trackआपका काम
1. शुरुआतAddiction physician/psychiatristUrologist या sexual-health clinicianदोनों को बताएं कि दूसरा doctor भी देख रहा है
2. जानकारीदवा का नाम (label से), कब शुरू हुईErection / इच्छा / timing—कौन-सी परेशानी, कब सेनीचे का note दोनों जगह ले जाएं
3. जांचदवा का side-effect reviewED/PE की जांच, BP-sugar जैसे दूसरे कारणReports की copy अपने पास रखें
4. फ़ैसलादवा में कोई बदलाव सिर्फ़ यहीं सेED की दवा या counselling पर बातआपकी इजाज़त से दोनों doctors जानकारी share करें
5. Follow-upCraving, नींद, मूडSexual बदलाव बेहतर / वैसा / बुरानई परेशानी हो तो अगली तारीख का इंतज़ार न करें

नशा-मुक्ति treatment और sexual-health review एक साथ चल सकते हैं। यह map यह नहीं कहता कि नशा-मुक्ति की दवा ही sexual परेशानी की वजह है—कारण जांच से तय होता है। [A1, A8]

Doctor से बात कैसे शुरू करें?

🗒️ Example: doctor से ऐसे बात शुरू करें

“मेरी erection/इच्छा/timing में बदलाव आया है। यह treatment शुरू होने के आसपास हुआ, पर पहले से भी हो सकता है। क्या मेरी पूरी दवाओं की list और दूसरे कारणों का review हो सकता है? मैं दवा खुद नहीं बदलना चाहता।”

Treatment जारी रखना, side-effect review या referral: कब क्या करें?

Treatment जारी रखना, side-effect review और referral: कब क्या
हालतक्या करेंक्या न करेंकिससे बात
Treatment चल रहा है, sexual परेशानी नई लगीTreatment जारी रखें; परेशानी कब शुरू हुई, note करेंदवा खुद बंद/कम न करें, doses न छोड़ेंPrescribing addiction doctor
लगता है दवा का side effect हैSide-effect review माँगें; पूरी medicine list दिखाएंOnline से दूसरी दवा या taper schedule न चुनेंPrescriber; ज़रूरत पर pharmacist
परेशानी बनी हुई है या बढ़ रही हैUrology/sexual-health referral पूछेंPack या “कुछ हफ़्ते” पूरे होने तक जांच न टालेंUrologist / sexual-health clinician
ED की दवा (sildenafil/tadalafil) के बारे में सोच रहे हैंसभी दवाएं और substances बताकर doctor से पूछेंखुद dose या “safe gap” तय न करेंPrescriber [M1, M8]
Craving या दोबारा नशे का मनउसी दिन care team या 14446 से बात करेंSexual परेशानी के “इलाज” के तौर पर नशा न लेंAddiction team; नीचे recovery-safety

लंबे समय तक बनी परेशानी, recovery timeline और follow-up diary: नशा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी।

दोबारा नशे का मन हो तो क्या करें—और break के बाद overdose का खतरा क्यों बढ़ता है?

सीधी बात: Sexual परेशानी ठीक करने के लिए दोबारा चिट्टा या कोई opioid लेना सुरक्षित नहीं है—craving उसी दिन अपनी care team या 14446 को बताएं। WHO के अनुसार लंबे समय नशा बंद रहने के बाद (जैसे detox के बाद, जेल से रिहाई पर या इलाज बंद होने पर) दोबारा लेने पर overdose का खतरा ज़्यादा होता है।

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी से परेशान होकर मन में यह ख़याल आ सकता है कि “पहले वाला नशा लूं तो timing या erection ठीक हो जाएगा।” यह सुरक्षित उपाय नहीं है। Craving और sexual परेशानी—दोनों अपनी care team को बताएं। दोनों पर साथ में बात हो सकती है।

Break के बाद overdose का खतरा: कब, क्यों और कौन-से इशारे?

⚠️ Break के बाद opioid का खतरा (risk card)
  • कब tolerance घटती है: नशा-मुक्ति centre या अस्पताल से छुट्टी के बाद, जेल से बाहर आने पर, या घर पर कुछ दिन-हफ़्ते नशा न लेने पर।
  • खतरा क्यों: शरीर पहले जितनी मात्रा झेलने का आदी नहीं रहता। पुरानी मात्रा दोबारा लेने से overdose हो सकता है—यह जानलेवा हो सकता है।
  • Mixing: शराब या नींद की गोलियों के साथ opioid लेने से सांस धीमी होने का खतरा और बढ़ता है। Street पुड़िया में क्या मिला है, यह भी पता नहीं होता।
  • इशारा: बेहोशी, जगाने पर न जागना, बहुत धीमी या रुक-रुक कर सांस—तुरंत 112। [A2, A6]

अस्पताल या centre से छुट्टी से पहले care team से क्या पूछें?

(1) अगर craving बढ़े तो उसी दिन किससे बात करूं? (2) Overdose पहचानने और रोकने की जानकारी क्या है? (3) हमारे इलाके में naloxone की जानकारी या training कहीं मिलती है? Naloxone एक दवा है जो opioid overdose का असर उलट सकती है; WHO इसके बारे में जानकारी देता है। यह लेख नहीं बताता कि कौन-सी दुकान इसे रखती है। [A2]

आम गलतियां: “थोड़ा-सा ही लूंगा, कुछ नहीं होगा” मान लेना; “sexual परेशानी ठीक करने” के नाम पर पुराना नशा आज़माना; craving को शर्म के कारण care team से छिपाना।

Partner के साथ बातचीत और रिश्ते पर असर की पूरी बात C6 में है: रिश्ते और partner से बात।

“पुड़िया में क्या था पता नहीं”: appointment से पहले भरने वाला note

सीधी बात: पुड़िया में क्या था, यह न पता हो तब भी doctor के पास जाएं—नीचे के 14 सवालों वाला note भरकर ले जाएं, और जो याद नहीं वहां “पता नहीं” लिखें।

यह note चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी पर doctor से बात आसान करने के लिए है। इसमें नाम, फ़ोन या पता लिखना ज़रूरी नहीं। जो बात याद नहीं, वहां “पता नहीं” लिखें—अंदाज़े से substance का नाम या मात्रा न भरें।

इस note में कुछ भी upload या save नहीं होता। Computer पर Ctrl+P दबाएं, या phone के browser menu में Share → Print चुनकर PDF बना लें, फिर पेन से भरें। यह diagnosis, score या detox plan नहीं है।

Anonymous appointment-preparation note (C2)
सवालमेरा जवाब (या “पता नहीं”)
मैं मुख्य रूप से किस बदलाव पर बात करना चाहता हूँ? (erection / इच्छा / जल्दी discharge / देर से discharge / समझ नहीं आ रहा)
यह लगभग कब शुरू हुआ? अचानक या धीरे-धीरे?
Substance का बताया गया नाम (चिट्टा / स्मैक / पुड़िया / और)। पहचान पक्की है या नहीं?
कैसे लिया: सूंघकर / धुआं / injection / पता नहीं
कितने समय से; last use कब हुआ?
साथ में शराब, tobacco, नींद की गोली या कोई दूसरी चीज़?
नशा-मुक्ति treatment चल रहा है? किस दवा पर (label देखकर)?
दूसरी सभी दवाएं, homeopathic या कोई product
छोड़ने पर पहले कोई गंभीर परेशानी (दौरा, बेहोशी) हुई?
Diabetes, BP, नींद, मूड से जुड़ी कोई बात
पुरानी reports साथ हैं? (blood test, HIV/hepatitis, discharge papers)
मेरी priority: erection / control / इच्छा / आराम / और
Doctor से पूछने वाले 3 सवाल
अगली review की तारीख

पहली मुलाकात में आम तौर पर क्या होता है (बातचीत → ज़रूरी जांच → reports → options पर बात → follow-up), यह series की पूरी गाइड में है।

Doctor से पूछने के 3 सवाल

“मेरे मामले में कौन-कौन सी वजह देखनी हैं?” | “कौन-सी जांच अभी ज़रूरी है और किसका इंतज़ार हो सकता है?” | “Treatment और follow-up में मेरी अगली ज़िम्मेदारी क्या है?”

Note कैसे भरें: example और आम गलतियां

🗒️ Example: तीन lines कैसे भरें
  • Substance का नाम: “लोग चिट्टा कहते थे। सफ़ेद powder था। अंदर क्या था, पता नहीं।”
  • कैसे लिया: “ज़्यादातर धुआं; एक-दो बार injection—तारीख याद नहीं।”
  • मुख्य बदलाव: “छोड़ने के बाद से erection जल्दी ढीला होता है; इच्छा ठीक है।”

आम गलतियां: मात्रा या तारीख अंदाज़े से भरना; injection की बात छिपाना; दवा का नाम याद से लिखना (label देखकर लिखें); पूरा note एक साथ भरने की ज़िद—जितना याद हो, उतना काफ़ी है।

Paper पर भरा note सिर्फ़ आपके पास रहता है—हम तक कुछ नहीं आता, न किसी analytics में जाता है। [M5]

पंजाबी या हरियाणवी में doctor या helpline से बात कैसे शुरू करें?

सीधी बात: अपनी भाषा—पंजाबी या हरियाणवी—में बात करना बिल्कुल ठीक है। Doctor या counsellor को समझ न आए, तो वही बात सीधी हिंदी में दोहरा दें।

नीचे कुछ lines हैं जो आप बोल या दिखा सकते हैं।

🗣️ अपनी बोली में कहने के लिए lines
  • पंजाबी: “ਚਿੱਟਾ ਛੱਡਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਰਦਾਨਾ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਲੱਗਦੀ ਹੈ।” (Roman: Chitta chhadne ton baad mardana kamzori lagdi hai.) — हिंदी में: “चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी लगती है।”
  • पंजाबी: “ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ।” — हिंदी में: “मुझे यह जानकारी पंजाबी में चाहिए।”
  • हरियाणा / सीधी हिंदी: “पुड़िया छोड़ने के बाद लिंग ढीला रहता है। पुड़िया में क्या था, मुझे पता नहीं।”
  • हरियाणा / सीधी हिंदी: “स्मैक छोड़ने के बाद timing जल्दी हो गई है। यह कब से है, मैं लिखकर लाया हूँ।”

Doctor या counsellor को पंजाबी line समझ न आए, तो साथ लिखी हिंदी line दिखा दें।

Helpline पर पहली call और privacy के सवाल

🗒️ Example: helpline पर पहली call

“मैं नाम बताए बिना पहले जानकारी लेना चाहता हूँ। चिट्टा छोड़ने के बाद sexual परेशानी है और craving भी। क्या पंजाबी या हिंदी में counselling मिल सकती है? मेरे ज़िले के पास कौन-सी service है?”

Privacy के लिए ये सवाल पूछें:

  • पहली बात के लिए नाम या फ़ोन बताना ज़रूरी है?
  • मेरी जानकारी किस-किस के साथ share होगी—परिवार, नौकरी, कोई और?
  • Records कहां और कब तक रखे जाते हैं?
  • Partner या परिवार को साथ लाना ज़रूरी है, या मैं अकेले आ सकता हूँ?

परिवार साथ आए तो क्या कहें?

👥 परिवार साथ आए तो: आपकी मर्ज़ी से

आप कह सकते हैं: “पहले मैं doctor से अकेले बात करूंगा। फिर मेरी मर्ज़ी हो तो घर का कोई व्यक्ति जुड़ सकता है।” परिवार को क्या बताना है, यह आपसे पूछकर तय होना चाहिए। Appointment लेते समय पूछ लें कि वहां यह तरीका कैसे चलता है।

हर service के privacy नियम अलग हो सकते हैं—जवाब उसी service से लें। किसी इलाके या समुदाय के सभी लोगों को नशे से जोड़ना गलत है; ये lines सिर्फ़ झिझक तोड़ने के लिए हैं।

सरकारी मदद और इमरजेंसी: 14446, 112 और नशा मुक्त भारत अभियान

सीधी बात: चिट्टा या स्मैक छोड़ने में मदद के लिए सरकारी toll-free helpline 14446 पर शुरुआती counselling और referral मिलता है; बेहोशी या धीमी सांस जैसी emergency में 112 पर call करें। इनका Teqtis Health के product या order से कोई लेना-देना नहीं।

जांचे हुए सरकारी रास्ते

अपने ज़िले की service: 14446 और नशा मुक्त भारत अभियान

सामाजिक न्याय मंत्रालय के अनुसार 14446 toll-free helpline शुरुआती counselling और referral देती है, और नशा मुक्त भारत अभियान 15 अगस्त 2023 से देश के सभी ज़िलों में लागू है। 14446 से अपने ज़िले की नज़दीकी सरकारी service का नाम पूछें। (मंत्रालय FAQ)

AIIMS NDDTC, Ghaziabad (Delhi-NCR)

AIIMS का National Drug Dependence Treatment Centre (NDDTC) एक जांचा हुआ सरकारी centre है। AIIMS page के अनुसार यहां OPD, भर्ती और community clinics में opioid समेत नशों का इलाज होता है। OPD का समय page पर नहीं दिया—जाने से पहले confirm करें। (AIIMS NDDTC)

14446सरकारी नशा मुक्ति helpline — counselling और referral (ambulance नंबर नहीं)
1800-11-2356National Tobacco Quitline — smoking, बीड़ी, गुटखा छोड़ने में मदद
NMBAनशा मुक्त भारत अभियान — Ministry of Social Justice की official website: सरकारी जानकारी और programme updates
112बेहोशी, बहुत धीमी सांस, दौरा, गहरा भ्रम, सीने में दर्द या कोई भी medical emergency

ये सरकारी नंबर हैं, Teqtis Health के order/support नंबर नहीं। इनकी जानकारी सरकारी websites से को जांची गई; phone line की उपलब्धता हमने test नहीं की।

Bariffa-X BC27 के बारे में जानकारी (नशा-मुक्ति treatment चल रहा हो तो)

Bariffa-X BC27, Teqtis Health का होम्योपैथिक combo pack है। यह OUD (opioid use disorder) treatment की जगह नहीं है—इसके बारे में सोच रहे हैं, तो पहले अपनी चल रही नशा-मुक्ति दवाएं और दूसरी medicines अपने doctor को बताएं। Pack, कीमत, order या delivery का सवाल हो तो Teqtis Health को call (70422-47248, 82857-42000; सुबह 9 से शाम 6) या email करें; सेहत का follow-up अपने doctor के साथ ही रखें।

Bariffa-X BC27 होम्योपैथिक कॉम्बो पैक — Bariffa-X 10 ml ampoules और BC27 Tablet की bottle, M. Bhattacharyya & Co.

💧 Bariffa-X BC27 — होम्योपैथिक कॉम्बो पैक में क्या है

अगर नशा-मुक्ति treatment चल रहा है, तो Bariffa-X BC27 के बारे में पूछने से पहले अपनी सभी चल रही दवाएं अपने doctor को बताएं; यह product OUD treatment की जगह नहीं है।

  • 📦 23 दिन का पैक: Bariffa-X 10 ml × 30 पीने वाले ampoules + BC27 Tablet 10 gm × 3 bottle (लगभग 300 tablets)
  • 🧪 BC27 Tablet: Calcarea Phosphorica 6x, Kalium Phosphoricum 3x, Natrum Muriaticum 3x | Bariffa-X ampoule की पूरी composition product label/page पर देखें
  • 🏭 निर्माता: M. Bhattacharyya & Co. (Since 1889), Kolkata — Drug Licence No. ML865M
  • 💰 ₹4,230 (₹150 शिपिंग सहित) — को देखी गई कीमत; ताज़ा कीमत product page पर देखें

Disclosure: Bariffa-X BC27 को Teqtis Health बेचता है। इस पेज पर product की सिर्फ़ पहचान और pack की जानकारी है — यह diagnosis या doctor की सलाह की जगह नहीं है।

Bariffa-X BC27: pack लेने से पहले ये बातें जानें

  • Brand की बताई pack-use योजना: आम हालत के लिए 46 दिन; नशे के बाद की sexual weakness के लिए कम-से-कम 92 दिन। यह brand की योजना है; हर व्यक्ति का इस्तेमाल, treatment का समय और result अलग हो सकते हैं।
  • लगातार या बढ़ती परेशानी में assessment को pack पूरा होने तक न टालें।
  • चल रही सारी दवाएँ (नशा-मुक्ति, BP, sugar, नींद, दर्द की दवा) अपने doctor को बताएं और product का label भी दिखाएं। Prescribed दवा खुद बंद न करें।
  • मेरे pack में क्या मिलेगा, delivery और return की शर्तें क्या हैं — product page पर देखें या 70422-47248 / 82857-42000 पर (सुबह 9 से शाम 6) पूछें।
  • लेने का तरीका: box/label पर लिखे निर्देश ही मानें; अंदाज़े से मात्रा न बदलें। Bariffa-X ampoule की पूरी composition और उसमें alcohol है या नहीं, यह label पर देखें — शराब छोड़ने का इलाज (जैसे disulfiram) चल रहा हो तो लेने से पहले label अपने doctor को दिखाएं।
  • Pack लेने के बाद सवाल हों तो: लेने का तरीका, delivery या कोई नई परेशानी — 70422-47248 / 82857-42000 (सुबह 9 से शाम 6) या WhatsApp पर पूछें। नई या बढ़ती परेशानी में अपने doctor से मिलें।
  • इस सीरीज़ की research नशे से जुड़ी sexual परेशानी और उसकी जांच समझाने के लिए है; ये studies किसी एक product पर नहीं की गईं।
🩺 डॉ. सतीश शर्मा (DHMS, वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक, 35+ साल का अनुभव) की सलाह

“नशा छोड़ने के बाद sexual परेशानी से घबराकर कुछ लोग चुपचाप कोई भी दवा ले लेते हैं। मेरी सलाह है—अपनी नशा-मुक्ति की दवा खुद कभी बंद न करें, और जो भी product या दवा ले रहे हैं, उसकी पूरी list अपने doctor को दिखाएं। Craving बढ़े या सांस से जुड़ी कोई तकलीफ़ दिखे, तो उसी दिन मदद लें।”

— डॉ. सतीश शर्मा, DHMS (Reg. No. 5454-A), वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक, हिसार

📍 राज्य और ज़िले: हरियाणा और पंजाब में research के आंकड़े

नीचे सिर्फ़ वे ज़िले हैं जहाँ की कोई published study इस सीरीज़ में ली गई है। हर राज्य के साथ NFHS-6 का सरकारी survey आंकड़ा भी है।

इस अस्पताल/अध्ययन के participants का data; पूरे district का rate नहीं।

हरियाणा

Haryana

NFHS-6 (2023–24, पुरुष 15+)शराब 17.5% | कोई भी तंबाकू 27.5%

Opioid के लिए मदद की ज़रूरत: लगभग 5.9 लाख लोग (2018 national survey) — AIIMS NDDTC report

  • HisarAgroha PHC का इलाका350 वयस्क पुरुषों में 63.1% ने कभी न कभी तंबाकू लिया (2026 study)⚠️ अभी का use या ED rate नहीं; पूरे Hisar का आंकड़ा नहींस्रोत देखें

पंजाब

Punjab

NFHS-6 (2023–24, पुरुष 15+)शराब 22.9% | कोई भी तंबाकू 13.9%

पुराना state survey (RAS, 2019): 6,600 नशा-निर्भर लोगों के sample में 30.5% ने tramadol भी लिया — आम आबादी का rate नहीं — PubMed

  • Bathindapregabalin study का centre5 centres के 974 नशा-इलाज वाले मरीज़ों में 435 (44.6%) ने pregabalin बिना पर्ची/गलत तरीके से लिया (Sep 2023–Aug 2024)⚠️ पांचों centres का साझा आंकड़ा — हर ज़िले का अलग rate नहीं; sexual problem नहीं मापीस्रोत देखें
  • Amritsarpregabalin study का centreऊपर वाली pregabalin study का centre (साझा आंकड़ा 435/974)⚠️ अलग ज़िला-rate नहींस्रोत देखें
  • Patialapregabalin study का centreऊपर वाली pregabalin study का centre (साझा आंकड़ा 435/974)⚠️ अलग ज़िला-rate नहींस्रोत देखें
  • Ludhianapregabalin study का centreऊपर वाली pregabalin study का centre (साझा आंकड़ा 435/974)⚠️ अलग ज़िला-rate नहींस्रोत देखें

📍 चंडीगढ़, राजस्थान और छत्तीसगढ़: research में मिले आंकड़े

चंडीगढ़

Chandigarh (UT)

NFHS-6 (2023–24, पुरुष 15+)शराब 21.6% | कोई भी तंबाकू 15.1%

  • ChandigarhPGIMER (DDTC)Buprenorphine-naloxone ले रहे 40 पुरुषों में 16 (40%) में sexual dysfunction; पुराने comparison group में 4/50 (8%) — 2020⚠️ Cross-sectional; दवा को कारण साबित नहीं करता — नशा-मुक्ति दवा खुद बंद न करेंस्रोत देखें
  • Chandigarhpregabalin study का centrePunjab वाली pregabalin study का पाँचवाँ centre (साझा आंकड़ा 435/974)⚠️ अलग rate नहींस्रोत देखें
  • ChandigarhPGIMERTramadol dependence के 7 पुरुषों की case series (2012)⚠️ सिर्फ़ cases की गिनती — ED या आबादी का rate नहींस्रोत देखें

राजस्थान

Rajasthan

NFHS-6 (2023–24, पुरुष 15+)शराब 10.7% | कोई भी तंबाकू 37.6%

  • JodhpurAIIMS Jodhpurअफीम/डोडा पर निर्भर 107 पुरुष (20–50 साल): ASEX पैमाने पर 50/107 (46.7%) में sexual dysfunction; IIEF पैमाने पर 97/107 (90.7%) में कम से कम एक हिस्सा प्रभावित⚠️ दो अलग पैमाने — इन्हें एक 'ED rate' न समझें; इलाज लेने आए मरीज़, पूरे ज़िले का rate नहींस्रोत देखें

छत्तीसगढ़

Chhattisgarh

NFHS-6 (2023–24, पुरुष 15+)शराब 38.3% | कोई भी तंबाकू 45.3%

  • Chhattisgarhएक tertiary care centre (ज़िला paper में नहीं लिखा)79 stable मानसिक-रोग वाले पुरुष और 50 comparison लोग — sexual function की तुलना (2019)⚠️ कोई % नहीं लिया; कई दवाएँ साथ थीं, किसी एक दवा का असर तय नहींस्रोत देखें

NFHS-6 के आंकड़े शराब और तंबाकू इस्तेमाल के हैं — नशे की लत या ED का rate नहीं। स्रोत: NFHS-6 Fact Sheets (IIPS/MoHFW)। आपके ज़िले का नाम यहाँ न होना यह नहीं बताता कि वहाँ परेशानी नहीं है — data न मिलना zero नहीं है।

🩺 इस विषय के medical codes: ICD-10, ICD-11 और MeSH

दुनिया भर के डॉक्टर, अस्पताल और research papers बीमारी या परेशानी को इन्हीं codes से पहचानते हैं। नीचे इस पोस्ट के विषय से जुड़े codes हैं — हर code पर click करके WHO या NLM (अमेरिका की National Library of Medicine) की official website पर उसका पूरा नाम देख सकते हैं।

ICD-10WHO की बीमारी-सूची (2019 version)

  • N48.4शरीर से जुड़ी वजह (नस, खून का बहाव, हॉर्मोन) से erection की परेशानीImpotence of organic origin
  • F52.2Erection न बनना या न टिकना — मन/तनाव से जुड़ाFailure of genital response
  • F11अफीम, डोडा, चिट्टा-स्मैक, heroin, tramadol जैसे opioid से जुड़ी परेशानियाँMental and behavioural disorders due to use of opioids
पूरी सूची देखें ↗

ICD-11WHO की नई बीमारी-सूची

  • HA01.1मर्दाना कमजोरी — erection न बनना या न टिकना (ED)Male erectile dysfunction
  • 6C43Opioid (अफीम, चिट्टा, heroin, tramadol) से जुड़ी परेशानियाँDisorders due to use of opioids
पूरी सूची देखें ↗

MeSH IDNLM के medical विषय-नाम

  • D007172मर्दाना कमजोरी (ED)Erectile Dysfunction
  • D009293Opioid से जुड़ी परेशानियाँOpioid-Related Disorders
  • D058850नशा-मुक्ति में दी जाने वाली substitution दवा (जैसे buprenorphine)Opiate Substitution Treatment
पूरी सूची देखें ↗

ये codes सिर्फ़ जानकारी और research पढ़ने में आसानी के लिए हैं। Code देखकर खुद diagnosis न करें — कौन सा code आप पर लागू होता है, यह डॉक्टर जांच के बाद ही तय करते हैं। Codes 10 अक्टूबर 2026 को WHO और NLM की websites से मिलाए गए।

मुख्य बातें (सारांश)

✅ 2 मिनट में
  • चिट्टा, स्मैक, पुड़िया—ये street नाम हैं; इनसे substance की असल पहचान तय नहीं होती। “पता नहीं” सही जवाब है।
  • Erection, इच्छा, जल्दी discharge और देर से discharge—ये अलग परेशानियां हैं; doctor को अलग-अलग बताएं।
  • AIIMS New Delhi की 2026 study (IJMR) में इलाज के लिए नए आए opioid dependence वाले 143 पुरुषों में 93.7% को ED थी (IIEF-15), पर testosterone कम सिर्फ़ 7.7% में—यह पंजाब या किसी district का rate नहीं है।
  • चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी को सिर्फ़ testosterone से नहीं समझा जा सकता; पूरी जांच ज़रूरी है।
  • Buprenorphine पर चल रहे पुरुषों में भी sexual परेशानी मिली है (PGIMER 2020, IJP 2023), पर इससे दवा ही वजह साबित नहीं होती। Buprenorphine/methadone खुद बंद न करें; नशा-मुक्ति doctor और sexual-health clinician साथ-साथ देख सकते हैं।
  • Break के बाद tolerance घटती है—पहले जितनी मात्रा से overdose हो सकता है। बेहोशी या धीमी सांस में तुरंत 112।
❓ हमें अभी क्या नहीं पता
  • पंजाब, हरियाणा या किसी district में चिट्टा/स्मैक users में ED का verified population rate available नहीं है।
  • Street पर बिकने वाले चिट्टा-स्मैक में असल में क्या है—बिना lab test के यह किसी को पता नहीं।
  • Cross-sectional studies से यह तय नहीं होता कि किसी व्यक्ति की परेशानी कितने समय में और कितनी बदलेगी।
  • R5 study की site और ED मापने का questionnaire उसके abstract में नहीं मिला; इसलिए उसके नंबर दूसरी studies से न मिलाएं।

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी और स्मैक से लिंग में ढीलापन: 40 सवाल-जवाब

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी पर 40 आम सवाल सात groups में हैं। हर जवाब में पहले सीधा जवाब, फिर ज़रूरी बातें और स्रोत। हर सवाल का नंबर fix है, ताकि link करने पर सही जवाब खुले।

पहला कदम और किस doctor को दिखाएं

1

चिट्टा लेने के बाद लिंग में ढीलापन हो तो क्या करें?

Chitta lene ke baad ling mein dhilapan ho to kya karein?

सीधा जवाब: चिट्टा लेने के दौरान ढीलापन हो या चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी—शर्म छोड़कर doctor से बात करें। Erection की परेशानी के कई कारण हो सकते हैं, और opioid use उनमें से एक हो सकता है। पूरी history और जांच से कारण तय होता है; अंदाज़े से दवा या tonic न लें।

  • परेशानी कब से है और erection, इच्छा या timing—किसमें है, लिखें।
  • Substance का नाम जितना पता हो, उतना ही बताएं।
  • पूरी बात: किन बातों की जांच होती है।

स्रोत: IJMR 2026 (R3) | NIDDK (ED diagnosis)

2

चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी का इलाज कैसे शुरू करें?

Chitta chhodne ke baad mardana kamzori ka ilaj kaise shuru karein?

सीधा जवाब: चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी में पहला कदम है—नशा-मुक्ति care जारी रखते हुए sexual-health जांच कराना। कारण पता चलने पर doctor counselling, दवा या दूसरे options पर बात करते हैं। दोनों तरफ़ के doctors को एक-दूसरे के इलाज की जानकारी दें।

  • नशा-मुक्ति doctor को sexual परेशानी भी बताएं।
  • Urologist/sexual-health clinician से अलग review लें।
  • Recovery timeline पर पूरी बात: C6 गाइड।

स्रोत: NIDA (OUD medicines) | NIDDK (ED treatment)

सवाल 3–5: स्मैक से हुई erection problem में कौन से doctor को दिखाएं?

3

स्मैक से हुई erection problem में कौन से doctor को दिखाएं?

Smack se ling dhilapan ka ilaj: kaun sa doctor dikhayein?

सीधा जवाब: दो तरह की मदद काम आती है: नशा-मुक्ति के लिए addiction physician या psychiatrist, और erection की जांच के लिए urologist या sexual-health clinician। दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। हर doctor को बताएं कि दूसरा doctor भी आपको देख रहा है।

  • Treatment चल रहा हो तो पहले उसी prescriber को बताएं।
  • Referral माँगने में झिझक न करें।
  • पूरी बात: coordinated care।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis) | NIDA (OUD medicines)

4

Smack-related ED में दवा लेने से पहले क्या history ज़रूरी है?

Smack wali ED mein dawai lene se pehle kya history zaroori hai?

सीधा जवाब: Doctor को substance history, सभी चल रही दवाएं, दिल/BP/diabetes की जानकारी और परेशानी की शुरुआत बताना ज़रूरी है। इसी से तय होता है कि कौन-सी दवा सुरक्षित तरीके से discuss हो सकती है। जो पक्का न पता हो, उसके लिए अंदाज़े की जगह “पता नहीं” कहना बेहतर है।

  • नशा-मुक्ति की दवा का नाम label से लिखें।
  • Homeopathic या कोई दूसरा product भी बताएं।
  • ऊपर वाला appointment note भरकर ले जाएं।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis)

5

Chitta chhadne ton baad mardana kamzori—पहला सुरक्षित कदम क्या है?

Chitta chhadne ton baad mardana kamzori, pehla safe kadam?

सीधा जवाब: चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी में पहला सुरक्षित कदम है—चल रहा नशा-मुक्ति treatment जारी रखना और अपनी बात doctor को अपनी भाषा में बताना। पंजाबी में कहने में आसानी हो, तो ऊपर दी गई lines इस्तेमाल करें। Sexual परेशानी और craving—दोनों एक ही visit में बता सकते हैं।

  • Craving या withdrawal की परेशानी भी साथ बताएं।
  • Unknown पुड़िया की पहचान का अंदाज़ा न लगाएं।
  • भाषा की मदद: पंजाबी/हरियाणवी lines।

स्रोत: NIDA (OUD medicines) | NIDDK (ED diagnosis)

सवाल 6–8: Opioid treatment शुरू होने पर sexual symptoms कैसे note करें?

6

Opioid treatment शुरू होने पर sexual symptoms कैसे note करें?

Opioid treatment ke saath sexual problem kaise note karein?

सीधा जवाब: Treatment शुरू होने की तारीख, dose में doctor का किया बदलाव और sexual परेशानी कब दिखी—बस इतना लिखें। रोज़ खुद को test करने की ज़रूरत नहीं। इससे doctor समझ पाते हैं कि बदलाव treatment के आसपास शुरू हुआ या पहले से था।

  • Erection, इच्छा, timing को अलग-अलग लिखें।
  • Timing से अकेले कारण साबित नहीं होता।
  • Note अगली visit में दिखाएं।

स्रोत: NIDA (OUD medicines) | NIDDK (ED diagnosis)

Street नाम, पहचान और history

7

पुड़िया लेने के बाद sex power कम लगे तो substance की पहचान कैसे बताएं?

Pudiya ke baad sex problem, substance kaise batayein?

सीधा जवाब: पुड़िया के बाद sex problem हो, तो doctor को जो नाम सुना, जैसे लिया और जब लिया—बस वही बताएं। पुड़िया में क्या था, यह पक्का न हो तो साफ़ कहें “पता नहीं”। Doctor के लिए सच्चा “पता नहीं” गलत अंदाज़े से ज़्यादा काम का है।

  • रंग/रूप और लेने का तरीका याद हो तो बताएं।
  • Chemical नाम खुद न गढ़ें।
  • देखें: street नाम table।

स्रोत: Magnitude of Substance Use in India 2019 | NIDDK (ED diagnosis)

8

क्या चिट्टा और स्मैक हमेशा एक ही drug होते हैं?

Kya chitta aur smack ek hi drug hai?

सीधा जवाब: ज़रूरी नहीं। ये बोलचाल के नाम हैं, और दोनों opioid के लिए बोले जाते हैं। लेकिन street पर बिकने वाली चीज़ में असल में क्या है, यह नाम से तय नहीं होता। Lab test के बिना इसकी पहचान किसी को पक्की नहीं होती।

  • एक ही नाम से अलग चीज़ या मिलावट हो सकती है।
  • Doctor को नाम के साथ यह भी बताएं कि क्या पक्का नहीं पता।
  • पूरी table: street नाम वाली table।

स्रोत: Magnitude of Substance Use in India 2019

सवाल 9–11: हरियाणा में पुड़िया/स्मैक की history doctor को कैसे समझाएं?

9

हरियाणा में पुड़िया/स्मैक की history doctor को कैसे समझाएं?

Haryana mein pudiya smack history doctor ko kaise samjhayein?

सीधा जवाब: सीधी भाषा में बताएं: क्या कहकर लिया, कैसे लिया, कितने समय और last use कब। जिस बात का पता नहीं, उसे “पता नहीं” कहें। हरियाणवी अंदाज़ में बोलना बिल्कुल ठीक है। Doctor के लिए यह इलाज की जानकारी है, judgement की बात नहीं।

  • “पुड़िया” पैकिंग का नाम है, substance का नहीं।
  • साथ में शराब/tobacco भी बताएं।
  • Lines देखें: बोली में कहने की lines।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis)

10

नशा injection से लिया हो तो sexual-health visit में क्या बताना चाहिए?

Injection se nasha liya ho to doctor ko kya batayein?

सीधा जवाब: यह ज़रूर बताएं कि injection से लिया था और कब तक। इससे doctor तय कर पाते हैं कि HIV, hepatitis जैसी जांच पर बात करनी है या नहीं। यह जानकारी इलाज के लिए है, judgement के लिए नहीं।

  • सुई या सामान किसी और के साथ इस्तेमाल हुआ हो, तो वह भी बताएं।
  • पुरानी test reports साथ लें।
  • बेहोशी/धीमी सांस में तुरंत 112।

स्रोत: WHO opioid overdose | NIDDK (ED diagnosis)

11

लंबे समय heroin use के बाद review में कौन सी पुरानी reports ले जाएं?

Heroin ke baad doctor ke paas kaun si reports le jayein?

सीधा जवाब: जो भी पुरानी reports available हों—blood tests, HIV/hepatitis tests, नशा-मुक्ति centre या अस्पताल के discharge papers और चल रही दवाओं के labels—सब ले जाएं। कौन-सा नया test चाहिए, doctor तय करेंगे। पुरानी reports होने से वही test दोबारा कराने की ज़रूरत कम हो सकती है।

  • Reports तारीख के हिसाब से लगाकर रखें।
  • दवाओं की strip/label की photo भी काम आती है।
  • हर किसी के लिए एक बड़ा test package ज़रूरी नहीं।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis)

सवाल-जवाब: Erection, timing और इच्छा

12

Heroin छोड़ने के बाद जल्दी discharge होने पर क्या करें?

Heroin chhodne ke baad jaldi discharge ho to kya karein?

सीधा जवाब: हेरोइन छोड़ने के बाद जल्दी discharge हो, तो घबराएं नहीं—छोड़ने के बाद के समय में timing बदल सकती है। कुछ दिनों के बदलाव से permanent PE तय नहीं होता। परेशानी बनी रहे या तकलीफ़ दे, तो doctor से जांच कराएं। नींद, बेचैनी और tension भी timing पर असर डाल सकते हैं।

स्रोत: IJMR 2026 (R3) | EAU 2026 (Ejaculation)

13

क्या heroin के बाद कम इच्छा और ढीला erection अलग समस्याएं हैं?

Heroin ke baad low libido aur dhila erection alag problem hai?

सीधा जवाब: हां, ये अलग हैं, हालांकि साथ हो सकती हैं। इच्छा कम होना मन/hormone/थकान से जुड़ा हो सकता है; erection की परेशानी blood flow, nerves, दवाओं या मन से भी। दोनों की जांच अलग तरह से होती है।

  • Doctor को दोनों बातें अलग बताएं।
  • एक के इलाज से दूसरी अपने-आप ठीक हो, यह ज़रूरी नहीं।
  • देखें: बदलाव कैसे दिखते हैं।

स्रोत: IJMR 2026 (R3) | EAU 2026 (ED)

14

Smack लेने के दौरान discharge देर से होना क्या normal है?

Smack lene ke time discharge late hona normal hai?

सीधा जवाब: Opioid use के दौरान कुछ लोगों को discharge देर से या मुश्किल से होता है। इसे “ताकत” या अच्छी sexual health का सबूत न समझें। यह भी एक बदलाव है जो doctor को बताना चाहिए।

  • Orgasm न होना या तकलीफ़ हो तो ज़रूर बताएं।
  • Timing बढ़ाने के लिए नशा लेना सुरक्षित नहीं।
  • अफीम-डोडा में देरी के myth पर: C3 गाइड।

स्रोत: EAU 2026 (Ejaculation) | IJMR 2026 (R3)

सवाल 15–17: चिट्टा कम करने पर timing बदल जाए तो क्या यह permanent PE है?

15

चिट्टा कम करने पर timing बदल जाए तो क्या यह permanent PE है?

Chitta kam karne par timing badal gayi, permanent PE hai?

सीधा जवाब: नहीं। चिट्टा कम करने पर या चिट्टा छोड़ने के बाद early discharge दिखे, तो सिर्फ़ इस बदलाव से permanent PE तय नहीं होता। नशा कम करने या छोड़ने के दौर में timing बदल सकती है। बनी रहे या तकलीफ़ दे, तो जांच कराएं। Timing सुधारने के लिए नशा दोबारा लेना सुरक्षित नहीं है।

  • कब से और कितनी बार हो रहा है, note करें।
  • खुद stopwatch से test न करें।
  • Recovery के दौरान बदलाव पर: C6।

स्रोत: IJMR 2026 (R3) | EAU 2026 (Ejaculation)

16

चिट्टा छोड़ने के बाद fatigue और low desire में फर्क कैसे समझें?

Chitta chhodne ke baad thakan aur kam ichha mein farak?

सीधा जवाब: चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी जैसा लगे, तो थकान और कम इच्छा को अलग करके देखें। थकान पूरे दिन की energy में दिखती है; low desire का मतलब है sex का मन कम होना—स्मैक छोड़ने के बाद libido कम होना भी यही है। दोनों साथ हो सकते हैं, और नींद या मूड भी असर डालते हैं। Doctor दोनों को अलग से पूछकर समझते हैं।

  • नींद और energy पर छोटा note रखें।
  • मूड में बदलाव भी बताएं।
  • खुद hormone booster न लें।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis)

17

क्या कम semen दिखने से opioid-related infertility तय हो जाती है?

Kam semen dikhe to kya opioid se infertility hai?

सीधा जवाब: नहीं। Semen की मात्रा देखकर fertility तय नहीं होती। बच्चे की planning हो या चिंता हो, तो fertility की जांच अलग से doctor करते हैं—यह erection की जांच से अलग रास्ता है। बच्चे की चिंता हो तो doctor से semen test के बारे में पूछ सकते हैं।

  • Fertility की चिंता doctor को साफ़ बताएं।
  • Erection और fertility अलग सवाल हैं।
  • Online अंदाज़े से नतीजा न निकालें।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis)

सवाल 18–20: क्या erection लौटना addiction recovery पूरी होने का इशारा है?

18

क्या erection लौटना addiction recovery पूरी होने का इशारा है?

Erection wapas aana kya recovery complete hone ka sign hai?

सीधा जवाब: नहीं। Addiction recovery और sexual function—दोनों के अलग लक्ष्य हैं। Erection बेहतर होने के बाद भी craving या relapse का खतरा रह सकता है, इसलिए treatment और follow-up जारी रखें। दोनों पर नज़र अलग-अलग रखनी होती है।

  • Treatment doctor की सलाह से ही बदलता है।
  • Sexual बदलाव को follow-up में बताते रहें।
  • Recovery पर पूरी बात: C6।

स्रोत: NIDA (OUD medicines) | EAU 2026 (ED)

Research, hormones और tests

19

चिट्टा लेने वालों में ED की जांच सिर्फ़ testosterone से हो सकती है?

Chitta walon mein ED ki jaanch sirf testosterone se?

सीधा जवाब: नहीं। 2026 की R3 study में 143 में से 134 पुरुषों में ED मिली, पर testosterone कम सिर्फ़ 11 (7.7%) में था। Hormones से sexual परेशानी समझाई नहीं जा सकी। History, examination और ज़रूरत के हिसाब से दूसरे tests भी देखे जाते हैं।

  • एक report से पूरा diagnosis नहीं होता।
  • दवाएं, नींद, मूड और दूसरी बीमारियां भी देखी जाती हैं।
  • पूरी बात: जांच वाला section।

स्रोत: IJMR 2026 (R3) | NIDDK (ED diagnosis)

20

क्या heroin-related problem में हर व्यक्ति का testosterone कम होता है?

Heroin mein har kisi ka testosterone kam hota hai?

सीधा जवाब: चिट्टा और testosterone को लेकर यह मानना सही नहीं कि हर किसी का कम होता है। R3 study में 143 में से सिर्फ़ 11 (7.7%) का testosterone कम मिला, और hormones का sexual function से सीधा link नहीं दिखा। किसी का testosterone कम हो सकता है, किसी का नहीं—यह जांच से ही पता चलता है।

  • Test doctor की सलाह से कराएं।
  • Normal report से परेशानी खारिज नहीं होती।
  • Booster खुद शुरू न करें।

स्रोत: IJMR 2026 (R3)

सवाल 21–23: AIIMS की 2026 study में 93.7% ED का क्या मतलब है?

21

AIIMS की 2026 study में 93.7% ED का क्या मतलब है?

AIIMS 2026 study 93.7% ED ka matlab?

सीधा जवाब: इसका मतलब है कि उस study में opioid dependence वाले 143 पुरुषों में से 134 (93.7%) में IIEF-15 questionnaire पर ED मिली। ये पुरुष AIIMS New Delhi की clinic में इलाज शुरू करने आए थे, और data जनवरी–अक्टूबर 2023 में लिया गया—किसी राज्य या आम users का rate नहीं।

  • यह आपका personal risk नहीं बताता।
  • Cross-sectional study कारण साबित नहीं करती।
  • पूरा card: R3 research कार्ड।

स्रोत: IJMR 2026 (R3)

22

क्या उस study से पंजाब के सभी चिट्टा users का ED rate पता चलता है?

Kya us study se Punjab ke chitta users ka ED rate pata chalta hai?

सीधा जवाब: नहीं। वह study AIIMS New Delhi की एक community drug treatment clinic में इलाज शुरू करने आए 143 पुरुषों पर थी, पूरे पंजाब या किसी district की population पर नहीं। पंजाब/हरियाणा के लिए ऐसा verified population rate available नहीं है।

  • Study sample और population data अलग चीज़ें हैं।
  • किसी district का नंबर इससे नहीं बनाया जा सकता।
  • देखें: study बनाम population table।

स्रोत: IJMR 2026 (R3)

23

Blood tests normal हों फिर भी चिट्टा के बाद sex problem क्यों हो सकती है?

Blood test normal phir bhi chitta ke baad sex problem kyon?

सीधा जवाब: Sexual function कई चीज़ों पर टिका है—blood flow, nerves, मन, नींद, रिश्ते और दवाएं। सिर्फ़ blood report इन सबको नहीं दिखाती। इसलिए normal report के बाद भी चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी असली हो सकती है। Doctor history और examination से बाकी वजहें देखते हैं।

  • Report के साथ अपनी पूरी history बताएं।
  • Counselling या दूसरी जांच की ज़रूरत doctor तय करते हैं।
  • R3 study में भी hormone से पूरी बात समझ नहीं आई।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis) | IJMR 2026 (R3)

सवाल 24–25: Heroin और तंबाकू दोनों use किए हों तो assessment कैसे बदलेगी?

24

Heroin और तंबाकू दोनों use किए हों तो assessment कैसे बदलेगी?

Heroin aur tambaku dono liye ho to jaanch kaise badlegi?

सीधा जवाब: Doctor दोनों की history लेंगे, क्योंकि tobacco भी erection पर असर डाल सकता है। इससे जांच का दायरा थोड़ा बढ़ सकता है—जैसे दिल और blood vessels की सेहत पर ध्यान। दोनों की history साफ़ बताने से जांच सही दिशा में जाती है।

स्रोत: IJMR 2026 (R3) | NIDDK (ED diagnosis)

25

Heroin use history में HIV/hepatitis testing पर बात क्यों करें?

Heroin history mein HIV hepatitis test kyon?

सीधा जवाब: अगर injection से नशा लिया हो या सुई/सामान किसी और के साथ इस्तेमाल हुआ हो, तो HIV, hepatitis जैसे infections का खतरा हो सकता है। Doctor इसी exposure के आधार पर testing पर बात करते हैं। यह आपकी सेहत की सुरक्षा के लिए है।

  • Testing का फ़ैसला exposure देखकर होता है।
  • पुरानी reports हों तो दिखाएं।
  • जानकारी private रखने के बारे में service से पूछें।

स्रोत: NIDA (OUD medicines) | WHO opioid overdose

सवाल-जवाब: Treatment, दवाएं और product

26

Buprenorphine treatment में sexual problem हो तो क्या करें?

Buprenorphine treatment mein sexual problem ho to kya karein?

सीधा जवाब: अगर लगे कि buprenorphine से sexual problem हो रही है, तो दवा अपने-आप बंद या बदलने की बजाय treating team को बताएं। PGIMER की R4 study में BNX पर 40 में से 16 पुरुषों में sexual dysfunction मिला, पर इससे यह साबित नहीं होता कि दवा ही वजह है।

  • Symptom कब शुरू हुआ और कौन-से treatment बदलाव हुए, note करें।
  • Consultation में sexual concern अलग से उठाएं।
  • Treatment adjustment clinician की देखरेख में ही होता है।

स्रोत: PGIMER BNX study (R4) | NIDA (OUD medicines)

27

क्या methadone sexual side effect के डर से बंद करनी चाहिए?

Methadone side effect ke darr se band karein?

सीधा जवाब: नहीं, खुद बंद न करें। Prescribed addiction treatment अचानक रोकने से withdrawal, craving और दोबारा नशे का खतरा बढ़ सकता है। Sexual परेशानी treating team को बताएं, ताकि वे review कर सकें। Review और कोई भी बदलाव उसी team की देखरेख में होता है।

  • Online taper schedule न अपनाएं।
  • Side-effect review माँगना आपका हक़ है।
  • R5 study ने बिना treatment वाले और buprenorphine पर चल रहे पुरुषों की तुलना की (buprenorphine वाले group में ED कम मिली); ऐसी एक-समय की तुलना personal फ़ैसले का आधार नहीं। देखें: research।

स्रोत: NIDDK (कोई दवा clinician से पूछे बिना बंद न करें) | CDC (OUD treatment) | NIDA (OUD medicines) | Heroin dependence comparison (R5)

28

Prescribed opioid treatment और illicit heroin में क्या clinical फर्क है?

Prescribed opioid treatment aur heroin mein farak?

सीधा जवाब: Prescribed treatment (जैसे buprenorphine या methadone) doctor की देखरेख में, तय dose और follow-up के साथ दिया जाता है। Street heroin में असल मात्रा और मिलावट का पता नहीं होता और overdose का खतरा ज़्यादा रहता है।

  • Treatment को “एक नशे की जगह दूसरा नशा” कहना सही नहीं।
  • Sexual side effect हो तो review होता है, दवा छोड़ी नहीं जाती।
  • R4 study treatment पर चल रहे पुरुषों की थी।

स्रोत: NIDA (OUD medicines) | PGIMER BNX study (R4)

सवाल 29–31: क्या testosterone booster खुद लेने से heroin-related ED ठीक होगी?

29

क्या testosterone booster खुद लेने से heroin-related ED ठीक होगी?

Testosterone booster lene se heroin wali ED theek hogi?

सीधा जवाब: खुद booster लेना सही रास्ता नहीं है। ED के कई कारण हो सकते हैं, और सबमें testosterone कम नहीं होता। बिना जांच ऐसे products लेने से असली कारण छूट सकता है। पहले doctor से कारण की जांच कराएं।

  • Hormone test की ज़रूरत doctor तय करें।
  • कोई भी product लें तो doctor को बताएं।
  • R3 में hormone से पूरी बात समझ नहीं आई।

स्रोत: EAU 2026 (ED) | NIDDK (ED diagnosis)

30

Opioid recovery में sildenafil या tadalafil कब discuss की जा सकती है?

Heroin ED treatment: sildenafil ya tadalafil kab discuss karein?

सीधा जवाब: जब doctor आपकी पूरी history, दिल की सेहत और चल रही दवाएं देख लें, तब ED की दवा पर बात हो सकती है। कुछ दवाओं, खासकर nitrates, के साथ ये गंभीर interaction कर सकती हैं।

  • Dose या “safe gap” खुद तय न करें।
  • सभी substances और दवाएं साफ़ बताएं।
  • Chest pain हो, या erection 4 घंटे से ज़्यादा बना रहे, तो तुरंत emergency help लें।

स्रोत: EAU 2026 (ED) | NHS sildenafil

31

नशा मुक्ति की medicines और homeopathy साथ लेने से पहले क्या बताएं?

Nasha mukti dawai aur homeopathy saath lene se pehle kya batayein?

सीधा जवाब: अपने नशा-मुक्ति doctor को homeopathic product का नाम और label दिखाएं, और homeopathy doctor को नशा-मुक्ति की दवाएं बताएं। दोनों तरफ़ पूरी list होने से सही review हो पाता है। Label की photo phone में रखना काम आता है।

  • कोई भी prescribed दवा खुद बंद न करें।
  • Label और composition साथ रखें।
  • दूसरी ज़रूरी treatment को किसी product से खुद replace करने का फैसला न लें।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis)

सवाल 32–33: चिट्टा छोड़ने का treatment चल रहा हो तो Bariffa-X BC27 के बारे में clinician से क्या पूछें?

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चिट्टा छोड़ने का treatment चल रहा हो तो Bariffa-X BC27 के बारे में clinician से क्या पूछें?

Chitta treatment ke saath Bariffa-X BC27 ke baare mein kya poochein?

सीधा जवाब: Clinician को product का label और composition दिखाएं, और पूछें कि आपकी चल रही नशा-मुक्ति दवाओं के साथ इसका इस्तेमाल ठीक रहेगा या नहीं। यह product OUD treatment की जगह नहीं है; दोनों के बारे में अपने doctor को बताएं।

  • Pack, composition और कीमत के लिए product page देखें।
  • Brand का pack-use plan आपकी treatment duration या result तय नहीं करता।
  • देखें: product जानकारी।

स्रोत: Teqtis product listing (brand की pack/label जानकारी) | NIDDK (ED diagnosis)

33

क्या चिट्टा-स्मैक के बाद नसें ठीक करने वाला कोई साबित sexual tonic है?

Chitta smack ke liye koi nas repair tonic hai?

सीधा जवाब: इस review में ऐसा कोई साबित tonic नहीं मिला जो चिट्टा-स्मैक के बाद “नसें ठीक” करने का दावा पूरा करे। ऐसे दावों से सावधान रहें; ED का इलाज कारण जांचकर ही चुना जाता है। पहले doctor से असल वजह की जांच कराएं।

  • “नसें खराब” का online diagnosis न मानें।
  • किसी भी product का label और evidence अलग-अलग देखें।
  • Treatment options पर: treatment और follow-up के कदम।

स्रोत: NIDDK (ED treatment)

सवाल-जवाब: Safety, overdose और craving

34

Smack के बाद बेहोशी और धीमी सांस हो तो क्या करें?

Smack ke baad behoshi aur dheemi saans ho to kya karein?

सीधा जवाब: तुरंत 112 पर call करें या नज़दीकी अस्पताल ले जाएं। व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। यह opioid overdose का इशारा हो सकता है—किसी product या घरेलू उपाय का इंतज़ार न करें। मदद पहुंचने तक सांस और होश पर नज़र रखें।

  • बताएं कि क्या लिया था; पता न हो तो “पता नहीं”।
  • Naloxone की जानकारी पहले से अपनी treating service से लें।
  • देखें: break के बाद खतरा।

स्रोत: WHO opioid overdose | ERSS 112

35

Chitta के साथ alcohol या sleeping pills क्यों ज़्यादा risky हो सकती हैं?

Chitta ke saath daru ya neend ki goli kyon risky hai?

सीधा जवाब: Opioid, शराब और नींद की कुछ गोलियां—तीनों सांस को धीमा कर सकती हैं। साथ लेने पर overdose और सांस रुकने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए doctor को सभी चीज़ें बताना ज़रूरी है। बिना doctor से पूछे इन्हें साथ न मिलाएं।

  • नींद की कोई दवा खुद शुरू न करें।
  • Prescribed दवा चल रही हो तो prescriber से पूछें।
  • Named medicines पर: C7 गाइड।

स्रोत: WHO opioid overdose

36

Sexual problem के कारण heroin दोबारा लेने का मन हो तो मदद कहाँ लें?

Sexual problem ki wajah se heroin dobara lene ka mann ho to madad kahan?

सीधा जवाब: उसी दिन अपनी नशा-मुक्ति care team से बात करें, और कोई न हो तो सरकारी helpline 14446 पर counselling व referral लें। Timing या erection सुधारने के लिए heroin दोबारा लेना सुरक्षित उपाय नहीं है। अपने addiction-care clinician को sexual परेशानी और craving—दोनों साफ़ बताएं।

  • पहले से जुड़ी support service (doctor, counsellor, centre) से उसी दिन contact करें; कोई न हो तो 14446 पर counselling/referral लें।
  • चल रहे treatment की list और दवाओं के labels साथ लेकर जाएं।
  • बेहोशी या बहुत धीमी सांस जैसे overdose के लक्षणों में तुरंत 112। पूरी बात: दोबारा नशे का मन और overdose का खतरा। Relationship पर लंबी बात: C6-34।

स्रोत: NIDA (OUD medicines) | सामाजिक न्याय मंत्रालय FAQ (14446) | WHO opioid overdose

सवाल-जवाब: Partner, privacy, cost और भाषा

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क्या recovery के दौरान partner counselling काम आ सकती है?

Recovery ke time partner counselling kaam aati hai?

सीधा जवाब: हां, काम आ सकती है—खासकर जब तनाव, डर या बातचीत की कमी भी परेशानी का हिस्सा हो। Partner को साथ ले जाना optional है और दोनों की इजाज़त से होना चाहिए। Counsellor दोनों को बिना दोष दिए बात करने में मदद कर सकता है।

  • “हमें performance test बनाने की ज़रूरत नहीं”—ऐसे बात शुरू कर सकते हैं।
  • अकेले भी counselling ले सकते हैं।
  • पूरी बात: C6-34।

स्रोत: NIDDK (ED treatment)

38

पंजाब में चिट्टा-related sexual-health जानकारी Punjabi में कैसे माँगें?

Punjab mein chitta sexual health jaankari Punjabi mein kaise mangein?

सीधा जवाब: Service से सीधे पूछें कि क्या पंजाबी में बात या counselling हो सकती है। ऊपर दी गई line “ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ” दिखा सकते हैं। हर service में भाषा की सुविधा अलग हो सकती है।

स्रोत: सामाजिक न्याय मंत्रालय FAQ (14446, NMBA)

सवाल 39–40: Opioid-related sexual problem में treatment cost कैसे समझें?

39

Opioid-related sexual problem में treatment cost कैसे समझें?

Opioid sexual problem treatment cost kaise samjhein?

सीधा जवाब: Cost हर service में अलग होती है, इसलिए कोई तय रकम यहां नहीं दी गई। नीचे की table print करके हर हिस्से का असली quote तारीख के साथ लिखें। जो पता न हो, वहां “service से पूछें” रहने दें।

  • सरकारी और निजी service की fees अलग हो सकती हैं।
  • पूछें कि कौन-सा test अभी ज़रूरी है और कौन-सा बाद में।
  • Print के लिए: computer पर Ctrl+P, phone में browser का Share → Print।
Cost पूछने की table (amount सिर्फ़ service से मिला असली quote, तारीख के साथ)
खर्च का हिस्साक्या पूछेंबताई गई रकमतारीख
Consultation feeनशा-मुक्ति और sexual-health—दोनों की अलग fee है?
चुने गए testsकौन-सा test अभी ज़रूरी, कौन-सा बाद में?
Follow-up visitअगली visit कब और उसकी fee?
चल रही medicinesमहीने का अंदाज़न खर्च; सरकारी centre में मिलती है?
आने-जाने का खर्च (travel)कितनी बार आना होगा?

Example: “Tests” वाली line में सिर्फ़ वही लिखें जो service ने बताया—जैसे “sugar test: ₹____, तारीख ____”। अंदाज़े या internet से उठाई रकम न भरें। आम गलती: सबसे बड़ा test package पहले ही खरीद लेना।

स्रोत: NIDDK (ED diagnosis)

40

क्या नाम बताए बिना पहले counselling की जानकारी ले सकते हैं?

Kya naam bataye bina counselling ki jaankari le sakte hain?

सीधा जवाब: पहली बार जानकारी लेते समय आप पूछ सकते हैं कि नाम बताना ज़रूरी है या नहीं, और आपकी बात कैसे private रखी जाएगी। हर helpline और clinic के privacy नियम अलग होते हैं—उन्हीं से पूछें।

  • इलाज शुरू होने पर कुछ पहचान-जानकारी ज़रूरी हो सकती है।
  • हमारा appointment note बिना नाम के भरा जा सकता है।
  • 14446 counselling/referral helpline है, ambulance नहीं।

स्रोत: सामाजिक न्याय मंत्रालय FAQ (14446)

स्रोत और अपडेट

Research studies

  1. Prevalence & predictors of sexual functioning & sex hormone profiles among men with opioid dependence: A community-based, cross-sectional study — Patel V, Rao R, Bhad R, Mishra AK, Quraishi R, Gupta Y (NDDTC, AIIMS New Delhi), Indian Journal of Medical Research, 2026; IIEF-15 (R3). PDF | PubMed
  2. Sexual dysfunction in men on buprenorphine–naloxone-based substitution therapy — Mattoo SK, Ghosh A, Subodh BN, Basu D et al., Indian Journal of Psychiatry, 2020; 62(1):66–72; study site PGIMER Chandigarh (R4)
  3. A comparative study of sexual behavior, dysfunction, satisfaction, relationship, and sexual quality of life amongst treatment-naïve and abstinent men (buprenorphine-maintained) with opioid (heroin) dependence syndrome — Sen MS et al., Indian Journal of Psychiatry, 2023 (R5). Abstract (DOAJ) | PMC | टिप्पणी: PubMed | जवाब: PubMed

सरकारी और medical websites

  1. Medications for Opioid Use Disorder — NIDA, NIH (A1)
  2. Opioid overdose (fact sheet) — WHO, 29 अगस्त 2025 (A2; overdose के इशारे, mixing और लंबे break के बाद का खतरा)
  3. Nasha Mukt Bharat Abhiyaan — FAQ — Ministry of Social Justice & Empowerment (D9; सभी ज़िलों में 15 अगस्त 2023 से; 14446 = शुरुआती counselling और referral)
  4. National Drug Dependence Treatment Centre (NDDTC) — AIIMS (A7; OPD/भर्ती/community clinics; appointment मिलेगा या नहीं, यह हमने नहीं जांचा)
  5. Emergency Response Support System 112 — भारत सरकार (A6)
  6. Treatment options — SAMHSA (A8)
  7. Treatment of Opioid Use Disorder — CDC (दवा के साथ counselling/behavioral therapy; दोबारा नशे और overdose के खतरे पर doctor से बात)
  8. Management of Erectile Dysfunction — European Association of Urology, 2026 (M1)
  9. Disorders of Ejaculation — European Association of Urology, 2026 (M2)
  10. Treatment for Erectile Dysfunction — NIDDK, NIH (M4)
  11. Diagnosis of Erectile Dysfunction — NIDDK, NIH (M5)
  12. Sildenafil—interactions — NHS (M8; UK के खरीद नियम भारत पर लागू नहीं)
  13. Magnitude of Substance Use in India — Ministry of Social Justice & NDDTC AIIMS, 2019 (survey 2018) (D3)

Teqtis Health की अपनी listing

  1. Bariffa-X BC27 product listing — Teqtis Health store (T1; brand की pack/label जानकारी)

अपडेट का इतिहास

: content तैयार और जांचा गया; R5 study का प्रकाशित title और journal record दोबारा मिलाया, R3 का title मिलाकर wording सुधारी। Research और source routes की जांच: 6 अक्टूबर 2026 (core sources) और 7 अक्टूबर 2026 (WHO का overdose page, EAU का ED chapter, NIDDK का diagnosis page)। Product कीमत 9 अक्टूबर 2026 को जांची गई। : V6 note से दोबारा मिलान—भाषा, regional badge wording, परिवार की मर्ज़ी वाली line और source list सुधारी।

: ICD-10, ICD-11 और MeSH codes का box जोड़ा (WHO/NLM से मिलाकर), सवाल-जवाब की भाषा और आसान की।

(दूसरा अपडेट): R3 study की जानकारी IJMR page और full-text PDF से मिलाई—scale (IIEF-15), जगह (NDDTC, AIIMS New Delhi), 143 में से 134 और testosterone के नंबर। R5 के नंबर journal abstract (DOAJ record) से जोड़े। सरकारी मदद में नशा मुक्त भारत अभियान और AIIMS NDDTC की जांची हुई जानकारी जोड़ी। “अपनी परेशानी चुनें” links और छोटी jump-list जोड़ी।

(तीसरा अपडेट): headings को सवाल-जवाब वाले H2/H3/H4 ढांचे में बांटा, हर बड़े section की शुरुआत में सीधी बात जोड़ी। PGIMER study (R4) का journal abstract मिलाकर IIEF पर ED 77.5% और “कम से कम 6 महीने से BNX पर” वाली बात जोड़ी। 14446 के लिए अब सामाजिक न्याय मंत्रालय का FAQ स्रोत है (पुराना PIB link इस दावे से साफ़ मेल नहीं खा रहा था)। भाषा और आसान की।

(चौथा अपडेट): सभी बाहरी links दोबारा खोलकर जांचे। हरियाणा के opioid अंदाज़े वाला PIB link किसी दूसरे page पर खुल रहा था, इसलिए वह row और link हटा दिए। R3 card में participants की बात full text से और साफ़ की; R4 के control नंबर पर साफ़ लिखा कि वह इस बार दोबारा verify नहीं हुआ। दवा खुद बंद न करने वाले जवाब में NIDDK और CDC के स्रोत जोड़े।

तुरंत मदद कब लें, और इस सीरीज़ की बाकी guides

नीचे वे हालात हैं जिनमें सीधे 112 या नज़दीकी अस्पताल जाना है, और उसके बाद “नशा और मर्दाना सेहत” सीरीज़ की सभी 8 guides की list है।

🚨 इन हालात में तुरंत 112 / नज़दीकी अस्पताल
  • चिट्टा, स्मैक या कोई पुड़िया लेने के बाद व्यक्ति जगाने पर भी न जागे।
  • सांस बहुत धीमी, रुक-रुक कर या मुश्किल से चल रही हो।
  • दौरा पड़े या बहुत ज़्यादा उलझन हो।
  • Break के बाद दोबारा लेने पर ऊपर में से कोई भी लक्षण—break के बाद शरीर की सहने की क्षमता (tolerance) घट चुकी होती है। पूरी बात: break के बाद का खतरा।

व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। 112 पर बताएं कि क्या लिया था—पता न हो तो “पता नहीं” कहें। ऐसी हालत में किसी product, WhatsApp या routine appointment का इंतज़ार न करें।

📖 मर्दाना सेहत पर हमारी 30 और guides

नशे वाली इस सीरीज़ के अलावा ये guides भी पढ़ें — ED, शीघ्रपतन, शुगर, स्टेरॉयड और शादी से पहले की तैयारी पर।

कोई गलती या टूटा link दिखे? care@teqtishealth.in पर section का नाम लिखकर बताएँ (अपनी निजी health जानकारी न भेजें)।

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📄 सारांश (Summary)

• चिट्टा, स्मैक, पुड़िया—ये street नाम हैं; इनसे substance की असल पहचान तय नहीं होती। “पता नहीं” सही जवाब है। • Erection, इच्छा, जल्दी discharge और देर से discharge—ये अलग परेशानियां हैं; doctor को अलग-अलग बताएं। • 2026 की AIIMS-associated study में opioid dependence वाले 143 पुरुषों में 93.7% को ED थी—यह पंजाब या किसी district का rate नहीं है। • चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी को सिर्फ़ testosterone से नहीं समझा जा सकता; पूरी जांच ज़रूरी है। • Buprenorphine/methadone खुद बंद न करें; नशा-मुक्ति doctor और sexual-health clinician साथ-साथ देख सकते हैं। • Break के बाद tolerance घटती है—पहले जितनी मात्रा से overdose हो सकता है। बेहोशी या धीमी सांस में तुरंत 112।

🔬 शोध सारांश

  • चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी पर इस पोस्ट में ली गई research का सार: इस गाइड के research कार्ड opioid (चिट्टा-स्मैक) पर हैं। AIIMS New Delhi (NDDTC) की 2026 study (IJMR) में इलाज के लिए नए आए opioid dependence वाले 143 पुरुषों में से 134 (93.7%) में IIEF-15 पैमाने पर ED मिली, पर इसे सिर्फ testosterone से समझाया नहीं जा सका। PGIMER Chandigarh में buprenorphine–naloxone पर 40 में से 16 (40%) पुरुषों में ASEX scale पर sexual dysfunction मिला, जबकि पहले प्रकाशित 50 लोगों के control group में 4/50 (8%)। Indian Journal of Psychiatry (2023) की तीसरी study में 112 पुरुषों में, इलाज शुरू न करने वालों में ED 78% और buprenorphine पर heroin छोड़ चुके पुरुषों में 39% मिली। ये cross-sectional studies हैं: इनसे साबित नहीं होता कि ED opioid या दवा से ही हुई, और यह पंजाब, हरियाणा या किसी district का rate नहीं।

📋 वैज्ञानिक आधार (Clinical Evidence)

  1. चिट्टा छोड़ने के बाद मर्दाना कमजोरी की जांच और देखभाल की सलाह इन मान्य स्रोतों पर टिकी है: इस गाइड की सलाह NIDA की opioid use disorder दवाओं वाली जानकारी और SAMHSA के treatment options पर है: buprenorphine या methadone जैसा prescribed इलाज doctor की निगरानी में चलता है, और इसे खुद अचानक बंद करने से withdrawal, craving और दोबारा नशे का खतरा बढ़ सकता है—sexual परेशानी treating team को बताएं। ED की जांच NIDDK और European Association of Urology (EAU) 2026 के अनुसार history, examination और ज़रूरत के tests से होती है; NHS की sildenafil जानकारी nitrates के साथ गंभीर interaction की चेतावनी देती है। WHO की opioid overdose fact sheet के आधार पर—जगाने पर न जागना या धीमी सांस हो तो तुरंत 112, और break के बाद tolerance घट चुकी होती है। Counselling/referral के लिए 14446। यह research Bariffa-X BC27 या किसी भी product का असर साबित नहीं करती।

🩺 डॉक्टर की राय (Doctor's View)

“मेरे पास कई लोग आते हैं जो नशा छोड़ने के बाद sexual परेशानी से घबराए हुए होते हैं और चुपचाप कोई भी दवा ले लेते हैं। मेरी सलाह है—अपनी नशा-मुक्ति की दवा खुद कभी बंद न करें, और जो भी product या दवा ले रहे हैं, उसकी पूरी list अपने doctor को दिखाएं। Craving बढ़े या सांस से जुड़ी कोई तकलीफ़ दिखे, तो उसी दिन मदद लें।”

— डॉ. सतीश शर्मा, DHMS (Reg. No. 5454-A), वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक, हिसार

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📚 Sources / संदर्भ

  1. Prevalence & predictors of sexual functioning & sex hormone profiles among men with opioid dependence: A community-based, cross-sectional study — Patel et al., Indian Journal of Medical Research, 2026 (R3). PubMed
  2. Sexual dysfunction in men on buprenorphine–naloxone-based substitution therapy — Indian Journal of Psychiatry, 2020; study site PGIMER Chandigarh (R4)
  3. A comparative study of sexual behavior, dysfunction, satisfaction, relationship, and sexual quality of life amongst treatment-naïve and abstinent men (buprenorphine-maintained) with opioid (heroin) dependence syndrome — Indian Journal of Psychiatry, 2023 (R5). PMC • टिप्पणी: PubMed • जवाब: PubMed
  4. Medications for Opioid Use Disorder — NIDA, NIH (A1)
  5. Opioid overdose (fact sheet) — WHO, 29 अगस्त 2025 (A2)
  6. De-addiction helpline 14446 और NMBA services — PIB, 13 अगस्त 2026 (A4)
  7. Emergency Response Support System 112 — भारत सरकार (A6)
  8. Treatment options — SAMHSA (A8)
  9. Management of Erectile Dysfunction — European Association of Urology, 2026 (M1)
  10. Disorders of Ejaculation — European Association of Urology, 2026 (M2)
  11. Treatment for Erectile Dysfunction — NIDDK, NIH (M4)
  12. Diagnosis of Erectile Dysfunction — NIDDK, NIH (M5)
  13. Sildenafil—interactions — NHS (M8; UK के खरीद नियम भारत पर लागू नहीं)
  14. Magnitude of Substance Use in India — Ministry of Social Justice & NDDTC AIIMS, 2019 (survey 2018) (D3)
  15. Haryana adult substance-use estimates (2018 survey) — PIB, 29 मार्च 2023 (D6)
  16. Bariffa-X BC27 product listing — Teqtis Health store (T1; brand की pack/label जानकारी)
⚕️ Medical Disclaimer:इस लेख की जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य से है और किसी qualified doctor की सलाह का विकल्प नहीं है। परिणाम व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं। किसी भी उपचार या दवा को शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। Products: M. Bhattacharyya & Co. (Since 1889) द्वारा निर्मित।

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🩺 चिकित्सकीय समीक्षा (Medically Reviewed)
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Dr. Satish Sharma
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